प्रतापगढ़
नेपाल में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर अब भारत में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। प्रतापगढ़ जिले की नगर पंचायत रामगंज के चेयरमैन राकेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर नेपाल के हिंदुओं के समर्थन की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत से ईरान और गाजा के समर्थन में आवाजें उठ सकती हैं, तो नेपाल के हिंदुओं के समर्थन में आवाज क्यों नहीं उठ सकती।
हाइलाइट्स:
- नेपाल हिंसा पर रामगंज चेयरमैन राकेश प्रताप सिंह की फेसबुक पोस्ट वायरल।
- फेसबुक पोस्ट में पूछा- “ईरान-गाजा का समर्थन हो सकता है तो नेपाल के हिंदुओं का क्यों नहीं?”
- कहा- हिंदू सभी धर्मों का सम्मान करता है, उसके धर्म का भी सम्मान होना चाहिए।
राकेश प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “अगर भारत का मुसलमान ईरान और गाजा का सपोर्ट कर सकता है तो क्या भारत के हिंदू नेपाल के हिंदुओं का सपोर्ट नहीं कर सकते।”
NewsBook24 से बातचीत में क्या बोले राकेश सिंह?
NewsBook24 से बातचीत में राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह अक्सर देखते हैं कि भारत से ईरान और गाजा के समर्थन में आवाजें उठती हैं। ऐसे में नेपाल के हिंदुओं के लिए भी लोगों को आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, “हिंदुओं को हर जगह छेड़ा नहीं जाना चाहिए। वे हर तरह से जवाब देने में सक्षम हैं। हिंदुओं के खामोश रहने का मतलब यह नहीं है कि वे कमजोर हैं।”
हिंदू सभी धर्मों का सम्मान करता है- राकेश सिंह
राकेश सिंह ने कहा कि हिंदू सभी धर्मों का सम्मान करता है, इसलिए उसके धर्म का भी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत में ईरान और गाजा के लिए चंदा इकट्ठा किया जा सकता है, तो नेपाल हिंसा में हिंदुओं के मारे जाने पर आवाज उठाने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में कांवड़ यात्रा के दौरान जो हुआ, उससे सभी हिंदू आहत हैं। उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में भारत में भी हिंदू त्योहारों के दौरान विवाद की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि सौहार्द बनाए रखने में मुस्लिम समाज भागीदार होगा, तो हिंदू भी उनके दुख-सुख में साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू कभी भी किसी हिंसा की पहल नहीं करता, इसलिए उसे उकसाया नहीं जाना चाहिए।
मुस्लिम वोटों के सवाल पर क्या कहा?
जब राकेश प्रताप सिंह से पूछा गया कि उनकी इस पोस्ट से मुस्लिम मतदाता नाराज हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा, “इसमें मुस्लिम पक्ष नाराज क्यों होगा? होता है तो हो जाए। वैसे भी मैं अपने लिए मुस्लिमों का वोट मानकर नहीं चलता।”
क्या है नेपाल हिंसा का मामला?
नेपाल के सुनसरी जिले के देवागंज में 26 जुलाई को कांवड़ यात्रा की तैयारी के दौरान हिंसा की घटना हुई थी। इसके बाद 30 जुलाई को यह विवाद और बढ़ गया तथा हिंसा सुनसरी से आगे बढ़कर नेपाल के मधेश प्रदेश के कई इलाकों तक फैल गई। स्थिति पर नियंत्रण के लिए नेपाल पुलिस ने फायरिंग की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए।
किसी भी गुलामी के प्रतीक का नामोनिशान मिटाकर देशभक्त के नाम को रोशन किया जाना आवश्यक है इसलिए स्वरूपरानी नेहरू हास्पिटल प्रयागराज का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम किया जाना आवश्यक है।