आकाश मिश्र
जौनपुर। सुजानगंज थाना क्षेत्र के बेलवार में एस.एस. कन्या पब्लिक स्कूल की स्कूल वैन 29 जुलाई(बुधवार) सुबह सड़क किनारे नीम के पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग बच्चों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, स्कूल वैन सुबह शिवरिहा गांवों से बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही थी। जैसे ही वाहन पढ़ुआ मोड़ के पास पहुंचा, चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और वैन सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वैन में करीब 18 से 20 बच्चे सवार थे, जबकि वाहन की क्षमता 8 से 10 बच्चों की बताई जा रही है। हादसे के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर बच्चों को निकाला
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वैन के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुजानगंज भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
घायलों में अभी यादव (5 वर्ष), पुत्र कल्लू यादव की हालत गंभीर होने पर उसे प्रयागराज रेफर किया गया। मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण थाना प्रभारी अमित कुमार पाण्डेय स्वयं अपने सरकारी वाहन से बच्चे को उपचार के लिए प्रयागराज लेकर रवाना हुए।
वहीं वैन में मौजूद शिक्षिका संध्या यादव और छात्रा श्रेजा यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुनीत कश्यप ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
अभिभावकों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कई निजी स्कूलों की वैन में न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और न ही क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाया जाता है। उनका आरोप है कि ऐसी लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है।
घायल बच्चों की सूची
जानकारी के मुताबिक हादसे में घायल होने वालों में श्रेजा यादव (11 वर्ष, कक्षा-4), अक्षरा यादव (10 वर्ष, कक्षा-3), अनन्या यादव (7 वर्ष, यूकेजी), सान्वी यादव (6 वर्ष, एलकेजी), सुहानी (13 वर्ष, कक्षा-6), उन्नति (13 वर्ष, कक्षा-7), उन्नति यादव (कक्षा-7) और आयुषी यादव (12 वर्ष, कक्षा-4) शामिल हैं।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में वाहन की फिटनेस, क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने या अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।