लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति-पत्र वितरित किए। नियुक्ति-पत्र हाथ में आते ही लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं की खुशी देखते बनी। चयनित अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी के लिए सरकार की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष व्यवस्था से उन्हें बिना भेदभाव आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
मुख्य बातें
- शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र मिले
- अभ्यर्थियों ने पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया की सराहना की
- चयनित युवाओं ने जिम्मेदारी के साथ सेवा करने का भरोसा जताया
आंचल शुक्ला का सपना हुआ पूरा
वाराणसी की आंचल शुक्ला का चयन अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज, टाउनहॉल में कला विषय की प्रवक्ता (PGT) के पद पर हुआ है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने इसे अपने बड़े सपने के पूरा होने जैसा बताया। आंचल ने कहा कि महिलाओं को रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं और प्रदेश में महिला सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है।
लंबे इंतजार के बाद ममता को मिली सफलता
टीजीटी संस्कृत के पद पर चयनित ममता मौर्या ने बताया कि उन्होंने 2005 में एमए करने के बाद शिक्षक भर्ती के लिए प्रयास शुरू किया था। उनके मुताबिक, पहले कई बार परीक्षाएं रद्द होने या परिणाम में देरी के कारण अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। इस बार चयन के बाद नियुक्ति-पत्र भी मिलने पर उन्होंने खुशी जताई और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिवम और गोपाल ने बताई चयन प्रक्रिया की खासियत
मऊ के शिवम बरनवाल का चयन टीजीटी गणित के पद पर हुआ है। नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
वहीं, गोपाल प्रजापति का चयन आजमगढ़ के श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता (PGT) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि त्वरित चयन प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित है। उनके मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता आने से युवाओं को अपने भविष्य को लेकर भरोसा मिला है।
ऊषा सिंह और शिव प्रसाद ने जताई जिम्मेदारी की बात
कुमारी ऊषा सिंह का चयन गोरखपुर के पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (TGT) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति-पत्र मिलने का पल उनके और परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की बात कही।
अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा का चयन भी टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की चयन प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होने का सीधा लाभ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मिला है। उन्होंने शिक्षक के रूप में ईमानदारी और पूरी निष्ठा से काम करने का भरोसा जताया।