लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 4 नवंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने अखिलेश के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि अगर वह नेता हैं तो चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबला करें। उन्होंने अपने पोस्ट में टोना-टोटका, मुख्यमंत्री पद और राजनीतिक विरासत को लेकर भी कई तीखे तंज किए।
मुख्य बातें
- राजभर ने अखिलेश यादव को विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी
- टोना-टोटका और राजनीतिक विरासत को लेकर साधा निशाना
- बोले- ‘ले-देकर एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप’
‘नेता क्या जो चुनाव से भागे, आइये हो जाए दो-दो हाथ’
ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा, ‘अरे मित्र अखिलेश यादव जी! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइये हो जाये दो-दो हाथ।’
राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे चुनावी मुकाबले की चुनौती देते हुए सवाल किया कि कोई नेता चुनाव से दूरी कैसे बना सकता है। उनका यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों नेताओं के बीच बढ़ती जुबानी तकरार के तौर पर देखा जा रहा है।
टोना-टोटका को लेकर भी अखिलेश पर कसा तंज
राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव पर टोना-टोटका में विश्वास करने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि उन्हें पहले जानकारी नहीं थी कि अखिलेश यादव इतना टोना-टोटका मानते हैं। उन्होंने अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने पर भी तंज कसते हुए कहा कि बिना चुनाव लड़े मुख्यमंत्री बनना किसी टोना-टोटका का परिणाम नहीं, बल्कि तैयार राजनीतिक पार्टी और विरासत का फायदा था।
राजभर ने आगे लिखा कि उत्तर प्रदेश में अब ऐसी राजनीति के लिए जगह नहीं है। उन्होंने नोएडा, आगरा, अयोध्या और मथुरा का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती सपा सरकार पर भी निशाना साधा।
‘ले-देकर एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप’
अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने लिखा, ‘वैसे भी! ले-देकर एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप… अब आगे अगली पैदाइश तक उम्मीद भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को कम से कम किसी एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का साहस दिखाना चाहिए था। राजभर की इस टिप्पणी को लेकर सपा और सुभासपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी चर्चा में आ गई है।
काशी और काल भैरव का जिक्र कर भी साधा निशाना
राजभर ने अपनी पोस्ट के आखिरी हिस्से में अखिलेश यादव के काशी दौरे का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव के पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश झुकाने का समय नहीं मिला।
उन्होंने काल भैरव मंदिर का जिक्र करते हुए भी तंज कसा और लिखा कि वहां जाने से उनके टोना-टोटका का इलाज हो जाता। राजभर की इस पूरी पोस्ट में अखिलेश यादव को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियों के साथ चुनावी चुनौती भी शामिल रही। अब देखना होगा कि सपा प्रमुख इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।