सुल्तानपुर: बिजली कटौती पर SDO से तीखी बहस, अजय दुबे बोले- मुकदमों के डर से नहीं छोड़ेंगे जनसेवा

सुल्तानपुर। चांदा में बिजली कटौती की समस्या को लेकर 11 सितंबर को उस समय माहौल गरमा गया, जब शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचे प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार दुबे, विजय दुबे समेत अन्य लोगों की एसडीओ विमलेश चंद्र मौर्य से तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने के बाद मामला थाने तक पहुंच गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। हालांकि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों ने तहरीर वापस ले ली। इसी बीच अजय दुबे ने साफ कहा कि मुकदमे या जेल जाने के डर से वह जनता की समस्याओं को उठाना नहीं छोड़ेंगे।

मुख्य बातें
  • बिजली कटौती को लेकर अजय दुबे समेत लोगों की SDO से तीखी बहस।
  • विवाद के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी।
  • अजय दुबे बोले- जनता की समस्याओं के लिए हर परिस्थिति में खड़े रहेंगे।

बिजली की समस्या लेकर पहुंचे थे अजय दुबे

चांदा कोतवाली क्षेत्र के ढाखापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र में शुक्रवार को चांदा कस्बे की खराब बिजली आपूर्ति को लेकर स्थानीय लोग पहुंचे थे। इनमें विनोद कुमार चौधरी, अजय कुमार दुबे, विजय कुमार दुबे समेत अन्य लोग शामिल थे। लोगों ने क्षेत्र में बार-बार हो रही बिजली कटौती और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एसडीओ विमलेश चंद्र मौर्य से समस्या के समाधान की मांग की। जानकारी है कि बातचीत के दौरान एसडीओ और शिकायतकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में बहस तीखी हो गई और बिजलीघर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बहस के बाद SDO पहुंचे थाने

विवाद बढ़ने के बाद एसडीओ विमलेश चंद्र मौर्य चांदा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर अजय कुमार दुबे, विजय कुमार दुबे समेत अन्य लोगों पर कार्यालय में घुसकर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज देने के आरोप लगाए। एसडीओ की तहरीर की जानकारी मिलने के बाद दूसरे पक्ष के लोग भी थाने पहुंच गए। विनोद कुमार चौधरी की ओर से भी एसडीओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी गई। इसमें जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और धमकी देने के आरोप लगाए गए। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अजय दुबे बोले- जनता को उनकी समस्याओं के साथ नहीं छोड़ सकते

प्रतापपुर कमैचा ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार दुबे ने NewsBoo24 से कहा कि जनसेवा में लोगों की समस्याओं को दूर करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुकदमों के डर से या जेल जाने के डर से वे लोगों को उनकी समस्याओं के साथ नहीं छोड़ सकते। अजय दुबे ने कहा कि लोगों ने उन पर विश्वास जताते हुए ग्राम सभा की कमान सौंपी है। ऐसे में जनता की सेवा करना और उनकी समस्याओं को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए वह हमेशा तैयार रहेंगे।

अधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

मामले की सूचना मिलने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट लम्भुआ अंशुल हिंदल और क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर चांदा थाने पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराया। वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस को दी गई अपनी-अपनी तहरीर वापस ले ली। इस तरह बिजली कटौती को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल समाप्त हो गया।

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