यूपी में बिजली आपूर्ति के आंकड़ों में सुधार, 135 दिनों में 111 दिन टॉप-2 राज्यों में रहा प्रदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के सरकारी प्रयासों का असर अब आंकड़ों में भी नजर आ रहा है। एक मई से अब तक 135 दिनों में प्रदेश ने 74 दिन देश में सबसे अधिक विद्युत मांग की आपूर्ति की, जबकि 37 दिन दूसरे स्थान पर रहा। इस तरह 135 दिनों में कुल 111 दिन यूपी देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल रहा।

मुख्य बातें
  • 135 दिनों में 74 दिन यूपी ने सबसे ज्यादा बिजली मांग पूरी की।
  • 37 दिन प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा, यानी 111 दिन टॉप-2 में रहा।
  • 24 मई से 22 दिनों में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त आपूर्ति का दावा।

135 दिनों में 111 दिन टॉप-2 में रहा यूपी

यूपी में बढ़ती बिजली मांग के बीच आपूर्ति व्यवस्था के आंकड़े सरकार के लिए राहत देने वाले हैं। एक मई से अब तक प्रदेश ने 74 दिन सर्वाधिक विद्युत मांग की आपूर्ति की। वहीं 37 दिन यूपी दूसरे स्थान पर रहा। इस तरह कुल 111 दिनों में प्रदेश ने देश के शीर्ष दो राज्यों में रहते हुए बिजली की मांग पूरी की।

22 दिनों तक कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 मई से अब तक 22 दिनों में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त बिजली उपलब्ध कराई गई। हालांकि इस दौरान देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव के कारण कोयला खदानों में उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों के तापीय विद्युत संयंत्रों पर पड़ा है।

कोयले की कमी और तकनीकी खराबियों से चुनौती

यूपीपीसीएल (UPPCL) के अनुसार, प्रदेश में भी कोयले की कमी और गीले कोयले की वजह से तापीय विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग विद्युत इकाइयों में तकनीकी और अन्य कारणों से ट्रिपिंग होने के चलते उपलब्ध बिजली में कमी आई है। इन चुनौतियों के बावजूद सरकार का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रात में सीमित रोस्टरिंग, जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली

दिन के समय प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालांकि पीक आवर्स (Peak Hours) में उपलब्धता घटने और पावर एक्सचेंज (Power Exchange) में महज 2-3 प्रतिशत तक क्लीयरेंस मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसील और नगर पंचायत क्षेत्रों में रात के समय सीमित रोस्टरिंग की जा रही है।

वहीं जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है। सरकार की ओर से कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) सहित संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाकर बिजली आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। सरकार का फोकस उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के साथ उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत देने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने पर है।

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