सुल्तानपुर: पिता किसान, मां गृहणी…बेटे का हुआ UPSSSC में चयन, जूनियर असिस्टेंट बनकर बढ़ाया गांव का मान

सुल्तानपुर। मोतिगरपुर विकासखंड की मलवा ग्राम पंचायत के किसान परिवार में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब आदित्य कुमार सिंह के उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की जूनियर असिस्टेंट भर्ती में चयन की खबर मिली। बुधवार रात जारी हुए परिणाम में नाम आने के बाद परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर आदित्य ने अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी का सपना पूरा किया है।

मुख्य बातें
  • किसान रमाकांत सिंह के बेटे आदित्य कुमार सिंह का जूनियर असिस्टेंट पद पर चयन
  • UPSSSC की PET-2022 प्रक्रिया के जरिए हासिल की सफलता
  • गांव के युवाओं के लिए मेहनत और लगन की मिसाल बने आदित्य

किसान पिता के बेटे ने मेहनत से हासिल किया मुकाम

आदित्य कुमार सिंह मलवा ग्राम पंचायत के रहने वाले किसान रमाकांत सिंह के पुत्र हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं, जबकि मां सुनीता गृहिणी हैं। परिवार में आदित्य के अलावा दो भाई और एक बहन हैं। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने के बावजूद आदित्य ने पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर लगातार मेहनत जारी रखी।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की स्नातक की पढ़ाई

आदित्य ने वर्ष 2015 में यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और 2017 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद वर्ष 2020 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की और प्रतियोगी परीक्षाओं पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया।

PET-2022 के जरिए जूनियर असिस्टेंट भर्ती में शामिल हुए

आदित्य ने UPSSSC की PET-2022 परीक्षा के माध्यम से जूनियर असिस्टेंट पद की चयन प्रक्रिया में भाग लिया। तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित अध्ययन और निरंतर प्रयास को प्राथमिकता दी। आखिरकार बुधवार रात जारी परिणाम ने उनकी मेहनत पर मुहर लगा दी और उनका सरकारी नौकरी पाने का सपना साकार हो गया।

सफलता की खबर मिलते ही घर में छाई खुशी

परिणाम सामने आते ही आदित्य के परिवार में उत्सव जैसा माहौल बन गया। रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने घर पहुंचकर और फोन के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। परिजनों का कहना है कि यह उपलब्धि आदित्य की मेहनत, अनुशासन और लंबे समय तक की गई तैयारी का परिणाम है।

गांव के युवाओं के लिए बने प्रेरणा

आदित्य की सफलता ने गांव के दूसरे युवाओं का भी उत्साह बढ़ाया है। किसान परिवार से निकलकर प्रतियोगी परीक्षा के जरिए सरकारी सेवा में चयन हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि संसाधन सीमित हों, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी के साथ लगातार मेहनत की जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है।

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