सुल्तानपुर: जनप्रतिनिधियों से मिली मायूसी तो ग्रामीणों ने उठा लिया फावड़ा, श्रमदान कर बनाया जर्जर नहर मार्ग

सुल्तानपुर

सुल्तानपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर कमैचा अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनावा में वर्षों से जर्जर पड़े नहर की पटरी वाले मार्ग को आखिरकार ग्रामीणों ने अपने प्रयास से दुरुस्त कर दिया। जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न मिलने पर ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान किया और खुद ही नहर मार्ग को दुरुस्त किया।

हाइलाइट्स:
  • सोनावा गांव में ग्रामीणों ने श्रमदान कर दुरुस्त किया जर्जर नहर मार्ग।
  • सूर्य नारायण उपाध्याय (सूरज) के नेतृत्व में युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी।
  • प्रशासन से मार्ग का स्थायी निर्माण कराने की मांग उठी।

वर्षों से बदहाल था मार्ग

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत सोनावा स्थित नहर की पटरी वाला यह मार्ग सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जनपद को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क कच्ची और जर्जर होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। जिसकी वजह से कई दोपहिया वाहन से चलने वाले लोग फिसलकर घायल भी हो चुके थे।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की मरम्मत को लेकर कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेदारों की उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने अंततः खुद ही समाधान निकालने का फैसला किया।

युवाओं ने श्रमदान कर बनाई राह

समाजसेवी सूर्य नारायण उपाध्याय (सूरज) के नेतृत्व में युवाओं ने श्रमदान अभियान चलाया। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से ईंट और भट्ठे की रवीश(राबिश) मंगवाकर पूरे मार्ग पर बिछाई। घंटों की मेहनत के बाद रास्ते को इस तरह तैयार किया गया कि लोगों का आवागमन फिर से सुगम हो सके।

स्थायी निर्माण की उठी मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग ने सड़क की मरम्मत करा दी होती, तो उन्हें अपने पैसे और श्रम से यह काम नहीं करना पड़ता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग का जल्द से जल्द स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को दोबारा ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।

सोनावां प्रधान प्रतिनिधि ने क्या कहा?

सोनावां प्रधान प्रतिनिधि संतोष पांडेय से जब इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि नहर की पटरी के बगल जो रास्ता है उसके किनारे चक पड़ने से मार्ग बनने में अवरोध आ जाता है। जिससे रास्ता पूरी तरह से तैयार नहीं पा रहा।

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