प्रतापगढ़। तहसील पट्टी के ग्राम मढ़रामऊ में सरकारी चकरोड पर दोबारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। गांव निवासी बृजमोहन ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग द्वारा जून 2026 में बहाल कराई गई चकरोड का एक हिस्सा 18 जुलाई को फिर जोत दिया गया।
40 साल बाद हटाया गया था कब्जा
शिकायतकर्ता के अनुसार, सरकारी चकरोड पर करीब 40 वर्षों से अवैध कब्जा था। जून 2026 में राजस्व विभाग ने पैमाइश कराते हुए चकरोड को अतिक्रमण मुक्त कराया था, लेकिन अब उसका एक हिस्सा फिर से जोत दिया गया है।
लेखपाल की भूमिका पर सवाल
बृजमोहन ने पूरे प्रकरण में संबंधित लेखपाल धीरज गौड़ की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका दावा है कि लेखपाल से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है, जिसे वह जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
शिकायती पत्र में 40 वर्षों तक सरकारी भूमि पर कथित कब्जा बने रहने, समय पर कार्रवाई न होने और चकरोड दोबारा क्षतिग्रस्त होने की पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
फिलहाल, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।