वाराणसी में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर उनका पुतला पहले जूते-चप्पलों से पीटा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। संगठन का आरोप है कि संसद परिसर में साधु के वेश में सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान किया गया। इस मामले को लेकर अब उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने, गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई जा रही है।
पुतला दहन कर जताया विरोध
2 अगस्त को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद उनके पुतले को जूते-चप्पलों से पीटा गया और आग के हवाले कर दिया गया। संगठन का कहना है कि संसद परिसर में हुई कथित घटना से सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे पहले 1 अगस्त को लखनऊ में भी सनातन रक्षा संगठन ने इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था।
सदस्यता खत्म करने और एफआईआर की मांग
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय मंत्री राजेश मौर्या ने कहा कि सांसद पप्पू यादव का संसद परिसर में किया गया कथित कृत्य सनातन और साधु-संतों का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि पप्पू यादव की संसद सदस्यता तत्काल समाप्त कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही डीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, संगठन के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रवेश कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि भगवान राम की तस्वीर और सनातन धर्म का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही संबंधित थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेगा।
पप्पू यादव ने क्या कहा?
संसद में भगवा वस्त्र पहनकर पहुंचने को लेकर उठे विवाद के बीच सांसद पप्पू यादव ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मैं पूरी मर्यादा के साथ सदन में गया था और मैंने किसी को कोई गाली नहीं दी। मैंने किसी साधु का नाम भी नहीं लिया।”
पप्पू यादव ने कहा, “सनातन की रक्षा और भारत के करोड़ों लोगों की आस्था के लिए मैं एक लाख बार भी कुर्बान हो जाऊंगा। जितने केस दर्ज करने हों, कर लीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया, “सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता। बच्चों पर लाठियां और गोलियां चलाई जाती हैं। उनके पेपर लीक होते हैं। ऐसे में सनातन की रक्षा और जनता की आवाज उठाना जरूरी है।”