सुल्तानपुर। आठ वर्षीय बालक से कुकर्म के मामले में सुल्तानपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव ने दोषी राज बहादुर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने करीब 18 महीने में मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
मुख्य बातें
- 8 वर्षीय बालक से कुकर्म के मामले में राज बहादुर दोषी
- कोर्ट ने सुनाई 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
- 25 हजार रुपये का जुर्माना पीड़ित बालक को दिया जाएगा
18 महीने में पूरी हुई कार्रवाई
यह फैसला शनिवार, 29 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे सुनाया गया। विशेष न्यायालय ने मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 18 महीने में आरोपी को दोषी ठहराया। दोषी राज बहादुर कुड़वार थाना क्षेत्र के सरैया पूरे बिसेन गांव का निवासी है। विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि अदालत की ओर से लगाया गया 25 हजार रुपये का जुर्माना पूरी तरह पीड़ित बालक को दिया जाएगा।
20 दिसंबर 2024 को सामने आया था मामला
जानकारी के अनुसार, राज बहादुर पर 20 दिसंबर 2024 को पड़ोस के एक गांव के आठ वर्षीय बालक के साथ कुकर्म करने का आरोप लगा था। मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद प्रकरण न्यायालय पहुंचा और विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी को गुरुवार को दोषी करार दिया था।
दोषी को जेल भेजा गया
गुरुवार को दोषी ठहराए जाने के बाद शनिवार को अदालत ने राज बहादुर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। अदालत के फैसले के तहत जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित बालक को दी जाएगी।