20 अगस्त की देर रात उत्तर प्रदेश में सात जिलों के पुलिस कप्तानों समेत नौ IPS अधिकारियों के तबादले किए गए। इसी फेरबदल में गोंडा के पुलिस अधीक्षक (SP) रहे विनीत जायसवाल को अब सुल्तानपुर का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। तेज-तर्रार पुलिसिंग, स्मार्ट वर्किंग और जमीन पर उतरकर हालात समझने के लिए पहचाने जाने वाले विनीत जायसवाल के सामने अब सुल्तानपुर की कानून-व्यवस्था संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मुख्य बातें
- गोंडा के बाद अब सुल्तानपुर के नए SP होंगे विनीत जायसवाल
- दो प्रयासों में असफलता के बाद 2014 में बने IPS
- बाइक से जिले का हाल जानने का अंदाज रहा चर्चा में
- साइबर क्राइम के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयों में निभाई अहम भूमिका
कौन हैं IPS विनीत जायसवाल?
गोरखपुर के रहने वाले विनीत जायसवाल का जन्म 1 जुलाई 1988 को हुआ। उनके पिता राधेश्याम जायसवाल सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक रहे हैं। पिता की पुलिस सेवा और अनुशासन ने विनीत जायसवाल को भी जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा दी।
विनीत जायसवाल को ऐसे पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है जो सख्त पुलिसिंग के साथ आम लोगों से सहज संवाद के लिए भी जाने जाते हैं। कई मौकों पर वह पूरे प्रोटोकॉल से अलग होकर बाइक से ही जिले का हाल जानने निकल चुके हैं। उनका यह अंदाज लोगों के बीच खासा लोकप्रिय रहा है।
B.Tech के बाद Infosys में की नौकरी, फिर चुनी सिविल सर्विस
विनीत जायसवाल ने साल 2010 में नोएडा के JSS कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में B.Tech किया। इसके बाद उन्होंने Infosys में नौकरी की, लेकिन कॉरपोरेट करियर तक सीमित रहना उनका लक्ष्य नहीं था।
उन्होंने सिविल सर्विसेज (Civil Services) की तैयारी शुरू की। शुरुआती दो प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार 2014 में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की और IPS अधिकारी बने।
IPS बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग नोएडा में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के तौर पर हुई। इसके बाद उन्हें शामली का पुलिस कप्तान बनाया गया। बतौर SP यह उनका पहला जिला था और यहीं से उनकी तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी की पहचान मजबूत हुई।
बाइक से गश्त ने बनाया अलग अंदाज
कोरोना महामारी के दौरान जब कोविड प्रोटोकॉल को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सक्रिय थी, तब विनीत जायसवाल का एक अलग अंदाज सामने आया। वह शहर के हालात और पुलिस व्यवस्था का जायजा लेने बाइक से निकल पड़े। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद उनकी सादगी और जमीन पर उतरकर काम करने के अंदाज की खूब चर्चा हुई।
हालांकि अपराधियों के खिलाफ उनकी पुलिसिंग सख्त रही है, लेकिन आम लोगों के बीच उनकी छवि एक शांत और सहज अधिकारी की रही है। लोग अपनी समस्याएं लेकर उनसे बेझिझक मिलते हैं। वह मुस्कुराकर लोगों की बात सुनने और समस्या का समाधान निकालने की कोशिश के लिए भी जाने जाते हैं।
शामली से गोंडा तक संभाल चुके हैं कई जिलों की कमान
शामली के बाद विनीत जायसवाल ने हाथरस, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और गोंडा जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी संभाली। गोंडा में भी उनकी कार्यशैली की खूब चर्चा हुई।
उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर भी जोर दिया। पुलिस लाइन में Police Cafe, आधुनिक Library और Open Gym जैसी सुविधाएं शुरू की गईं। इससे उनकी पुलिसिंग का एक दूसरा पहलू सामने आया—उनके लिए अच्छी पुलिसिंग (Good Policing) सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के काम करने के माहौल को बेहतर बनाना भी है।
विनीत जायसवाल के करियर में Cyber Crime से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले भी रहे हैं। उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड (International Cyber Fraud) का खुलासा किया गया। यानी एक ओर वह जमीन पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जाने गए, तो दूसरी ओर डिजिटल दुनिया में सक्रिय साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा कसने की कोशिश की।
अब सुल्तानपुर में होगी असली परीक्षा
सुल्तानपुर के नए पुलिस कप्तान के तौर पर विनीत जायसवाल के सामने कई चुनौतियां होंगी। अपराध पर नियंत्रण, साइबर क्राइम पर प्रभावी कार्रवाई, आम जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ाना और पुलिसिंग को और बेहतर बनाना उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारियां रहेंगी।
विनीत जायसवाल पुलिस सेवा को लेकर मानते हैं कि “पुलिस सर्विस भी एक मैनेजमेंट है।” उनके मुताबिक कानून-व्यवस्था का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और भयमुक्त समाज का निर्माण ही Good Policing का हिस्सा है। इसके लिए समाज के लोगों का पुलिस के प्रति सकारात्मक नजरिया और सहयोग भी जरूरी है।
विनीत जायसवाल की कहानी सिर्फ एक IPS अधिकारी के करियर की कहानी नहीं है। यह असफलता के बाद भी प्रयास जारी रखने, जमीन पर उतरकर काम करने और पुलिसिंग में सख्ती के साथ जनता से सहज संवाद की कहानी है। अब सुल्तानपुर में उनकी कार्यशैली कितना असर छोड़ती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।