लखनऊ। सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर उनकी पार्टी के कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों में हिंसा और गाली-गलौज की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
हाइलाइट्स
- ओपी राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं पर सुभासपा कार्यालय में घुसकर मारपीट का लगाया आरोप
- कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ गाली-गलौज और हाथापाई का दावा
- पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी देने का भी लगाया आरोप
- अखिलेश यादव से पूछा- क्या यह सब उनके कहने पर हो रहा है?
- राजभर बोले- गुंडई से सपा चल सकती है, लोकतंत्र नहीं
सपा कार्यकर्ताओं पर लगाए गंभीर आरोप
ओपी राजभर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि सुभासपा कार्यालय में सपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। राजभर के मुताबिक, इस दौरान पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
राजभर ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों में हिंसा और गाली-गलौज को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे अपराध की श्रेणी में आने वाला कृत्य बताया।
अखिलेश यादव से राजभर ने पूछा सवाल
सुभासपा प्रमुख ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उनके कार्यकर्ताओं की यह कार्रवाई उनके कहने पर हो रही है या फिर उनके दोनों चाचाओं ने कार्यकर्ताओं को ऐसा करने का इशारा किया है। राजभर ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो जनता के बीच आकर मुद्दों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि गुंडई से पार्टी चल सकती है, लेकिन लोकतंत्र नहीं चलता।
‘लड़ाई लड़नी है तो जनता के बीच आइए’
ओपी राजभर ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका जवाब हिंसा या गाली-गलौज से नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव से जनता के बीच आकर मुद्दों पर लड़ाई लड़ने की बात कही। राजभर ने अपने पोस्ट में सपा कार्यकर्ताओं को लेकर तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसकर हमला करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
‘सुहेलदेव का वंशज हूं, न मैं डरता हूं, न मेरे कार्यकर्ता’
अपने पोस्ट के आखिरी हिस्से में ओपी राजभर ने कहा, “ओम प्रकाश राजभर नाम है मेरा। महाराजा सुहेलदेव का वंशज हूं। कंसवादियों से न मैं डरता हूं और न मेरे कार्यकर्ता।” उन्होंने आगे कहा कि कथित तौर पर हमला करने वालों का हिसाब कानून करेगा। राजभर ने अपनी पोस्ट का समापन ‘जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव’ के साथ किया।