लखनऊ, 12 अगस्त। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की कक्षा-कक्ष की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में नई पहल की है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को हैंडबुक और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने 3.38 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय लिमिट जारी की है। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की गई है।
हाइलाइट्स
- 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक के हिंदी और गणित शिक्षकों को मिलेगी हैंडबुक और शिक्षक डायरी
- हैंडबुक की छपाई के लिए 1.72 करोड़ और शिक्षक डायरी के लिए 1.52 करोड़ रुपये
- सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये किए गए निर्धारित
- कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट
- सरकार का लक्ष्य शिक्षक की तैयारी मजबूत कर कक्षा में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर करना
हैंडबुक और शिक्षक डायरी से शिक्षकों को मिलेगी मदद
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित विषय की हैंडबुक और शिक्षक डायरी की छपाई व आपूर्ति के लिए 75 जिलों को कुल 338.54 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है।
इसमें हैंडबुक की छपाई के लिए 172.35 लाख रुपये, शिक्षक डायरी के लिए 152.91 लाख रुपये और सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये शामिल हैं। हैंडबुक के जरिए शिक्षक पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को बच्चों के स्तर के अनुसार बेहतर तरीके से समझाने और शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाने में मदद ले सकेंगे।
वहीं शिक्षक डायरी में दैनिक और साप्ताहिक शिक्षण गतिविधियों की योजना तैयार करने के साथ कक्षा की जरूरत के मुताबिक पढ़ाई को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए भी अलग बजट
कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग वित्तीय लिमिट जारी की गई है। इसके जरिए शिक्षक अपनी कक्षा और विषय की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शैक्षिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
सरकार का जोर शिक्षकों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय पाठ की तैयारी, प्रस्तुतीकरण और कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के लिए जरूरी अकादमिक सहयोग देने पर है।
समय से सामग्री पहुंचाने के निर्देश
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने हैंडबुक और शिक्षक डायरी की छपाई से लेकर विद्यालयों तक आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के मुताबिक सामग्री की आपूर्ति पूरी होने के बाद ही निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। साथ ही धनराशि का इस्तेमाल निर्धारित मद में ही करने और भुगतान के दौरान पीएफएमएस कंपोनेंट कोड का पालन करने को कहा गया है।
बेहतर तैयारी से कक्षा में दिखेगा असर
सरकार का मानना है कि शिक्षक की बेहतर तैयारी का सीधा असर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता पर पड़ता है। हैंडबुक और शिक्षक डायरी के जरिए शिक्षकों को पाठ पढ़ाने से पहले जरूरी तैयारी करने, गतिविधियों की योजना बनाने और कक्षा में उसे प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का प्रभाव सीधे कक्षा-कक्ष में दिखाई देना चाहिए और बच्चों को सीखने के बेहतर अवसर मिलने चाहिए।