सुल्तानपुर। समाज में अपनों के सुख-दुःख में साथ खड़े होने वाले लोग तो बहुत मिल जाते हैं, लेकिन जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है, उनके लिए अपना बनकर खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। सुल्तानपुर में जन कल्याण सेवा समिति ने ऐसी ही मिसाल पेश करते हुए आर्थिक तंगी और गंभीर समस्याओं से जूझ रहे तीन अनाथ बच्चों की मदद की है।
मुख्य बातें
- जन कल्याण सेवा समिति ने तीन अनाथ बच्चों को 5100 रुपये की आर्थिक सहायता दी।
- बच्चों के माता-पिता के निधन के बाद परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा है।
- संस्था ने आगे भी हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
मुरारपुर अग्रेसर के तीन बच्चों को मिला सहयोग
जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह पर्वत और संस्था के पदाधिकारियों ने ग्राम सभा मुरारपुर अग्रेसर में अत्यंत गरीबी और तंगहाली में जीवन बिता रहे तीन अनाथ बच्चों को 5100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहयोग संस्था के दानदाताओं और जनसहयोग से उपलब्ध कराया गया।
माता-पिता के निधन के बाद बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया गया कि माता-पिता के निधन के बाद तीनों बच्चों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया। हरिशंकर गुप्ता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती, जबकि उनकी बहन पूजा गंभीर बीमारी से पीड़ित बताई गई है। सबसे छोटे भाई सचिन को सुनने में परेशानी है और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई गई है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण बच्चों के जीवन-यापन और पूजा के इलाज के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता थी।
जनसहयोग से जुटाई गई सहायता राशि
जन कल्याण सेवा समिति ने अपने दानदाताओं और समाज के लोगों के सहयोग से बच्चों के लिए आर्थिक सहायता जुटाई। संस्था की ओर से कहा गया कि जरूरतमंद परिवार की आगे भी हरसंभव मदद की जाएगी, ताकि बच्चों को जीवन की बुनियादी जरूरतों और इलाज के लिए सहयोग मिल सके।
मुश्किल वक्त में किसी का हाथ थामना ही सच्ची इंसानियत
संस्था के अध्यक्ष अखिलेश सिंह पर्वत ने कहा कि मुश्किल वक्त में किसी का हाथ थाम लेना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। जन कल्याण सेवा समिति ने इस पहल के माध्यम से एक बार फिर सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था की यह पहल सुल्तानपुर में जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहयोग का संदेश दे रही है।