लखनऊ। यूपी में संविदाकर्मियों को योगी सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। योगी सरकार ने संविदा कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें चार श्रेणियों में बांटा है। अब अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपए से 40 हजार रुपए तक मानदेय मिलेगा। सरकार ने इसके लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की योग्यता भी निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 सितंबर को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का लोगो, वेबसाइट और पोर्टल लॉन्च किया। UPCOS के जरिए अब संविदा कर्मचारियों की भर्ती से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था डिजिटल और अधिक पारदर्शी होगी।
किस श्रेणी में कितना न्यूनतम वेतन?
सरकार ने संविदा कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर न्यूनतम मानदेय तय किया है। पहली श्रेणी में प्रति माह न्यूनतम 40,000 रुपए, दूसरी श्रेणी में न्यूनतम 25,000 रुपए, तीसरी श्रेणी में न्यूनतम 22,000 और चौथी श्रेणी के संविदाकर्मियों का न्यूनतम वेतन 20,000 रुपए प्रति माह होगा। इन श्रेणियों के आधार पर कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव भी निर्धारित की गई है।
पहली श्रेणी के लिए ग्रेजुएशन-पोस्ट ग्रेजुएशन योग्यता
पहली श्रेणी में संबंधित सेवा से जुड़े ग्रेजुएशन-पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर की योग्यता अनिवार्य की गई है। इसमें विशेषज्ञ और तकनीकी सेवाओं से जुड़े संविदा कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
चिकित्सीय सेवाओं से जुड़े संविदा कर्मचारियों के लिए MBBS जैसी संबंधित योग्यता जरूरी होगी। तकनीकी सेवाओं, शैक्षणिक सेवाओं और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों को भी संबंधित योग्यता के आधार पर इस श्रेणी में रखा गया है। वहीं अकाउंटेंसी से जुड़े कर्मचारियों के लिए M.Com के साथ पांच साल का अनुभव अनिवार्य किया गया है।
दूसरी और तीसरी श्रेणी में स्नातक योग्यता
दूसरी और तीसरी श्रेणी के संविदा कर्मचारियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक तय की गई है। इसके साथ संबंधित सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्य अनुभव भी अनिवार्य किया गया है। चौथी श्रेणी के संविदा कर्मचारियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल निर्धारित की गई है।
भर्ती से भुगतान तक डिजिटल होगी व्यवस्था
बता दें कि अब संविदा कर्मिचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी एक केंद्रीकृत व्यवस्था होगी। संविदा सेवाकर्मियों को UPCOS के माध्यम से एक ही जगह पर अपनी जॉब प्रोफाइल, वेतन का विवरण, EPF और ESIC रिकॉर्ड देखने की सुविधा मिलेगी।
सरकार के मुताबिक इससे कर्मचारियों को समय पर पारिश्रमिक मिलने में मदद मिलेगी। EPF और ESIC में किए जाने वाले अंशदान की जानकारी और उसकी गारंटी भी अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि UPCOS के शुभारंभ से करीब साढ़े तीन लाख से अधिक कार्मिकों को लाभ मिलेगा। परिवार के सदस्यों को जोड़ने पर इसका असर करीब 17 से 20 लाख लोगों के हितों से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने निगम के शुभारंभ के अवसर पर सभी को बधाई दी।