‘शिक्षा व्यवस्था को स्ट्रेचर पर पहुंचाने वाले बोलने के हकदार नहीं’- अखिलेश के सवाल पर बोले योगी के मंत्री संदीप सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो लोग एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित करने और युवाओं को अपराध की ओर धकेलने के जिम्मेदार रहे हैं, उन्हें शिक्षा सुधारों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। यह बयान अखिलेश यादव द्वारा योगी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के जवाब में आया है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

2 अगस्त को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने योगी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में 26 हजार से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सपा प्रमुख ने इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए दुर्भाग्य बताया था।

संदीप सिंह का पलटवार

अखिलेश यादव के आरोपों पर जवाब देते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में नकल की संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो छात्र दो शब्द ठीक से नहीं लिख सकते थे, उन्हें नकल कराकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट थमा दी गई। इसके बाद ऐसे विद्यार्थियों का विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में प्रवेश कराया गया।

संदीप सिंह ने कहा कि इससे डिग्रीधारी युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और उन्हें रोजगार के बजाय मजदूरी करने की नौबत आई। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था का सबसे अधिक नुकसान ओबीसी और दलित समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को हुआ, क्योंकि मेहनत करने वाले छात्रों के अवसर सीमित हो गए।

‘शिक्षा व्यवस्था को स्ट्रेचर पर पहुंचा दिया’

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संदीप सिंह ने कहा कि वह समाजवादी सरकार की शिक्षा व्यवस्था का एक उदाहरण भी साझा कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को “स्ट्रेचर पर पहुंचा देने वाले” अब शैक्षिक सुधारों पर सवाल उठा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पहले अपनी सरकार के कार्यकाल की शिक्षा व्यवस्था पर नजर डालनी चाहिए, उसके बाद वर्तमान सरकार के प्रयासों पर टिप्पणी करनी चाहिए।

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