लखनऊ। वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
मुख्य बातें
- योगी ने सपा पर शिक्षा और युवाओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
- दावा किया कि भाजपा सरकार में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां मिलीं।
- राज्यसभा चुनाव का हवाला देकर सपा के पीडीए (PDA) दावे पर सवाल उठाए।
वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन में योगी ने सपा सरकार पर शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक भर्ती और युवाओं के रोजगार को लेकर सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए। योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का प्रभाव था, जबकि भाजपा सरकार ने नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों की समस्याएं दूर करने का काम किया है।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मुताबिक, शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को सही दिशा देते हैं, जबकि युवा देश का भविष्य तय करते हैं। योगी ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों और स्नातकों से जुड़े कई मुद्दों का समाधान किया है। यदि कोई समस्या अभी भी बाकी है तो उसका भी हल निकाला जाएगा।
राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा के पीडीए पर सवाल
योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा की सामाजिक प्रतिनिधित्व संबंधी राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दस सीटों में से आठ भाजपा और दो सपा के खाते में गईं। मुख्यमंत्री के आरोप के मुताबिक, पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट रामगोपाल यादव और दूसरी मुंबई के एक कारोबारी को दी।
उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया से यादव, दलित अथवा मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। योगी ने पीडीए को लेकर तंज कसते हुए सपा पर अपने राजनीतिक दावों और फैसलों में अंतर होने का आरोप लगाया।
सपा पर भरोसे को लेकर मगरमच्छ का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने सपा पर वादों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर भरोसा करना मगरमच्छ के सहारे नदी पार करने जैसा है। उन्होंने सपा नेताओं पर राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदलने का भी आरोप लगाया। योगी ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में परिवार-केंद्रित सोच और समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक, सपा को प्रदेश के व्यापक हितों के बजाय अपने परिवार की चिंता रही है।
शिक्षक भर्ती और सरकारी नौकरियों पर सरकार का दावा
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 1.60 लाख पद खाली थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं और सेवानिवृत्ति से खाली होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का लक्ष्य रखा गया है।
योगी ने यह भी कहा कि बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 32 हजार युवाओं से जुड़ा परिणाम शामिल है।