प्रतापगढ़। युवा साहित्यकार एवं विश्व रिकॉर्ड धारक अर्पित सर्वेश शुक्ला को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शिक्षण संस्थाओं के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। विचार गोष्ठी एवं कवि-सम्मेलन के दौरान उनकी साहित्यिक प्रतिभा, रचनात्मक योगदान और उपलब्धियों की सराहना की गई। वक्ताओं ने इसे प्रतापगढ़ के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा कि अर्पित सर्वेश की उपलब्धियां युवाओं को साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
मुख्य बातें
- युवा साहित्यकार अर्पित सर्वेश शुक्ला को किया गया सम्मानित।
- शिक्षाविद् डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’ ने दिया सम्मान।
- वक्ताओं ने उनकी साहित्यिक उपलब्धियों को प्रतापगढ़ के लिए गौरव बताया।
शिक्षाविदों ने किया सम्मानित
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पट्टी डिग्री कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और सेवानिवृत्त सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’ ने अर्पित सर्वेश शुक्ला को सम्मान प्रदान किया। इस दौरान उनकी रचनात्मक क्षमता और साहित्य के प्रति समर्पण की प्रशंसा की गई।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं अर्पित सर्वेश
वक्ताओं ने कहा कि अर्पित सर्वेश ने अपनी मेहनत, लगन और साहित्यिक प्रयासों से कम उम्र में पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियों ने प्रतापगढ़ को नई पहचान दिलाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाएं जिले की साहित्यिक विरासत को मजबूत करती हैं और नई पीढ़ी को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी के योगदान को किया याद
कार्यक्रम के आयोजक अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’, प्रबंधक, इंटर कॉलेजेज, प्रतापगढ़ ने स्वर्गीय डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। उन्होंने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने और शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान से प्रेरणा लेने पर जोर दिया।
साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने पर जोर
विचार गोष्ठी और कवि-सम्मेलन के माध्यम से साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान के महत्व को रेखांकित किया गया। अर्पित सर्वेश शुक्ला का सम्मान जिले की युवा साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।