लखनऊ। दशहरा से पहले लखनऊ में लगाए गए ‘दशानन रावण’ के पोस्टर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सनातन रक्षा संगठन की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पोस्टर में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अतीक अहमद और आजम खान समेत विपक्ष के कई नेताओं को रावण के दस शीशों के रूप में दिखाया गया है।
इस विवाद के बीच भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पोस्टर में शामिल नेताओं को ‘सनातन विरोधी चेहरे’ बताते हुए आरोप लगाया कि ये लोग देश और हिंदुओं की आस्था का अपमान करते हैं।
भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि इसमें दिखाए गए नेता देश, सनातन और हिंदुओं की आस्था का अपमान करते हैं। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों को जागरूक बताते हुए कहा, “ये सारे चेहरे सनातन विरोधी हैं। इसलिए कुछ जागरूक लोगों ने इनके पोस्टर लगाए हैं।”
विपक्ष पर तख्तापलट की साजिश का आरोप
अंकुश त्रिपाठी ने विपक्षी नेताओं पर देश में अराजकता फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि कुछ युवाओं को भड़काकर, उत्पात मचाकर और खून-खराबा करवाकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कथित कोशिश को तख्तापलट की साजिश करार दिया।
‘रामलला के दर्शन करते तो टोपी वाला वोट कट जाता’
भाजपा प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने अयोध्या जाने पर भी रामलला के दर्शन न करने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर अखिलेश यादव जी सनातन प्रेमी होते, तो अभी अयोध्या गए थे, भगवान रामलला के दर्शन करते।”
त्रिपाठी ने दावा किया कि अखिलेश यादव को डर है कि रामलला के दर्शन करने से उनका टोपी वाला वोट कट जाएगा। इसी वजह से वे दर्शन करने नहीं गए। अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को उत्तर प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी नेताओं को पोस्टरों से आपत्ति है, तो उन्हें देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।