सुल्तानपुर। कुशभवनपुर में 20 अक्टूबर को विजय दशमी के मौके पर राजपूताना शौर्य फाउंडेशन और आर्यावर्त परिवार की ओर से शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजकों ने इसे सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने और समाज में सुरक्षा, शक्ति व धर्म की रक्षा के संकल्प को दोहराने का अवसर बताया।
मुख्य बातें
- राजपूताना शौर्य फाउंडेशन और आर्यावर्त परिवार ने किया आयोजन।
- फाउंडेशन के संरक्षक अरविन्द सिंह राजा समेत सैकड़ों लोग रहे मौजूद।
- आयोजकों ने युवाओं को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने पर दिया जोर।
शस्त्र पूजन के जरिए दिया सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शक्ति, सुरक्षा और धर्म की रक्षा का संदेश देना था। आयोजकों के मुताबिक, शस्त्र पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
अरविन्द सिंह राजा समेत सैकड़ों लोग हुए शामिल
इस आयोजन में राजपूताना शौर्य फाउंडेशन के संरक्षक अरविन्द सिंह राजा समेत सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने सभी समाजों के लोगों और क्षेत्रवासियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। कार्यक्रम शाम चार बजे संपन्न हुआ।
सांस्कृतिक परंपराओं से युवाओं को जोड़ने पर जोर
आयोजकों ने कहा कि विजयादशमी जैसे पारंपरिक अवसरों पर शस्त्र पूजन सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा रही है। इसके माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने और समाज में सुरक्षा व जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने का प्रयास किया गया।
समाज और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प
आयोजकों ने शस्त्र पूजन को समाज, राष्ट्र और धर्म की रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए लोगों से अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम में इसी संदेश को प्रमुखता से रखा गया।