सुप्रीम कोर्ट का CEC ज्ञानेश कुमार को नोटिस, सस्पेंड करने से किया इनकार

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार को पद से निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।

मुख्य बातें
  • CEC ज्ञानेश कुमार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
  • SIR से जुड़े फैसलों को लेकर याचिकाओं में गंभीर आरोप
  • कोर्ट ने फिलहाल CEC को सस्पेंड करने से किया इनकार

SIR के फैसलों को लेकर क्या है विवाद?

याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) से जुड़े कई फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति या जानकारी के बिना लिए गए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी।

याचिकाकर्ताओं ने क्या मांग की?

याचिकाओं में SIR और उससे जुड़े फैसलों को अमान्य घोषित करने के साथ-साथ मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में SIT या न्यायिक जांच की मांग भी की गई है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग का भी जिक्र है।

CEC को सस्पेंड करने की मांग पर क्या हुआ?

याचिकाकर्ताओं ने अंतिम फैसला आने तक CEC ज्ञानेश कुमार को उनके पद के कामकाज से अलग रखने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मांग पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया और पहले चुनाव आयोग तथा अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब इस मामले में अहम होगा। अदालत के सामने मुख्य सवालों में यह भी शामिल है कि आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए और क्या उनमें सभी संबंधित चुनाव आयुक्तों की भूमिका रही थी।

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