‘यूपी में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा’- सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अक्टूबर को बरेली में शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था, दंगाइयों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में दंगा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें अपने पूर्वजों की कमाई से भी हाथ धोना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब उपद्रव से नहीं, बल्कि उत्सव से है। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया।

मुख्य बातें

  • सीएम योगी ने दंगाइयों को संपत्ति पर कार्रवाई की चेतावनी दी और कानून-व्यवस्था में बदलाव का दावा किया।
  • शिक्षकों को कैशलेस इलाज, बीमा और सम्मान देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
  • शिक्षा भर्ती, बोर्ड परीक्षाओं और ग्रामीण स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं को लेकर सरकार का पक्ष रखा।

‘दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा’

बरेली क्लब ग्राउंड में मंगलवार को शिक्षक-एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बरेली में पर्व-त्योहार के दौरान दंगे होते थे, जबकि अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब उपद्रव से नहीं, बल्कि उत्सव से है। उन्होंने कानून-व्यवस्था में बदलाव के कारण प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा बदलने का भी दावा किया। योगी ने कहा कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई से समाजवादी पार्टी के नेताओं को पीड़ा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों के बजाय गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज और बीमा कवर का जिक्र

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र और युग निर्माता हैं। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब थी, लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी।

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इससे जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिला है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि और पुरस्कार पाने वालों की संख्या बढ़ाने का भी उल्लेख किया।

भर्ती प्रक्रिया और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर क्या बोले सीएम?

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1.60 लाख से अधिक पद रिक्त थे। उनके अनुसार, सरकार ने साढ़े छह वर्षों में इतने ही शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की। उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियों को प्रभावित किया जाता था। योगी ने कहा कि अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिल रही है।

बोर्ड परीक्षाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी के बीच होंगी। उनके मुताबिक, मुख्य परीक्षा 14 दिनों में पूरी होगी और अगले 14 दिनों में परिणाम जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले परिणाम आने में छह महीने तक लग जाते थे।

स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी से गांव के विद्यार्थियों को अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम केवल विद्यालयों के भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब का जिक्र करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि गांवों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें।

बरेली की नाथ नगरी पहचान और संभल के तीर्थों का जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान का उल्लेख किया। साथ ही संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों के पुनर्जीवन की बात कही। शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, भर्ती प्रक्रिया और धार्मिक स्थलों के विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में पेश किया। उनके संबोधन में दंगाइयों पर कार्रवाई की चेतावनी के साथ शिक्षकों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर भी जोर रहा।

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