हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वालों को अयोध्या के विकास से नहीं था मतलब: सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या के विकास और सांस्कृतिक पहचान का जिक्र करते हुए वर्ष 2017 से पहले की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में रामनगरी उपेक्षा और अव्यवस्था का सामना कर रही थी। हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने और रामभक्तों पर गोली चलवाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उस सरकार को अयोध्या के विकास से कोई मतलब नहीं था।

मुख्य बातें

  • सीएम योगी ने 2017 से पहले की सरकार पर अयोध्या की उपेक्षा का आरोप लगाया।
  • राम मंदिर, रामपथ, हवाई अड्डे और घाटों के विकास का जिक्र किया।
  • 1.71 लाख दीपों से शुरू हुए दीपोत्सव को सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया।

दीपोत्सव को सनातन संस्कृति के गौरव से जोड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अयोध्या अपने दसवें भव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरयू तट पर लाखों दीपों की रोशनी, रामायण पर आधारित झांकियां, शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करेंगे। सीएम के मुताबिक, दीपोत्सव का हर दीप भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और सनातन संस्कृति के गौरव का प्रतीक है।

2017 से पहले की स्थिति पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का सामना कर रही थी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर रामभक्तों पर गोली चलवाने और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का आरोप भी लगाया। योगी ने सवाल उठाया कि जिस सरकार की प्राथमिकताओं में अयोध्या का विकास नहीं था, उससे रामनगरी के उत्थान की उम्मीद कैसे की जा सकती थी।

रामनगरी में हुए विकास कार्यों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई शुरुआत हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए भव्य राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सुसज्जित रामपथ, नए घाटों और सोलर सिटी के रूप में अयोध्या के विकास को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं के विकास का भी केंद्र बन रही है।

1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ था दीपोत्सव

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत की गई थी। उनके अनुसार, यह आयोजन अब देश और दुनिया के रामभक्तों की आस्था और उत्साह का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव और लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्होंने इसे सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प से भी जोड़ा।

Leave a Comment