‘यूपी की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बना इंटरनेशनल ट्रेड शो’: भूपेंद्र चौधरी

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के समापन सत्र में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, एमएसएमई (MSME) और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ट्रेड शो ने यूपी के उत्पादों, उद्यमियों और कारीगरों को देश-दुनिया के खरीदारों से जोड़ने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। इस साल UPITS में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी दर्ज की गई।

मुख्य बातें
  • UPITS में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे।
  • यूपी के एमएसएमई, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर।
  • चार दिनों में 3,765 एमओयू और करीब 5,500 करोड़ रुपये के कारोबारी समझौते दर्ज हुए।

वैश्विक बाजार तक पहुंच का मंच बना UPITS

भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी पहचान का प्रतीक बन रहा है। देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर तैयार किए हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रेड शो का समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं, बल्कि प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए कारोबारी अवसरों की शुरुआत है। UPITS 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हुआ। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक और 90 से ज्यादा देशों से खरीदार जुड़े।

ODOP और एमएसएमई को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार

भूपेंद्र चौधरी ने ओडीओपी (One District One Product), विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के जरिए स्थानीय स्तर के उत्पादों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों और कारोबारी माहौल को भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से जोड़ा। उनके मुताबिक, यूपी में एमएसएमई क्षेत्र को तकनीक, बाजार और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। भूपेंद्र चौधरी ने डिफेंस कॉरिडोर और ग्रेटर नोएडा के डेटा सेंटर हब के रूप में उभरने का भी उल्लेख किया।

90 देशों के खरीदारों ने देखा यूपी का हुनर

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि UPITS प्रदेश की नई आर्थिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम बन गया है। उनके मुताबिक, इस आयोजन में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। इस संस्करण में जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के तौर पर शामिल किया गया।

चार दिनों में 5,500 करोड़ के कारोबारी समझौते

UPITS के आधिकारिक अपडेट के अनुसार 28 सितंबर तक 35,387 B2B बैठकों के जरिए 3,765 एमओयू करीब 5,500 करोड़ रुपये के मूल्य के दर्ज किए जा चुके थे। साथ ही करीब 12,500 करोड़ रुपये के कारोबारी पूछताछ (Business Enquiries) भी दर्ज हुईं।

नंदी ने कहा कि एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेड शो के जरिए इन क्षेत्रों को घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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