लखनऊ। ईको गार्डन में PLFS और ASSUS में काम कर चुके सुपरवाइजर और सर्वेयरों का धरना 14 सितंंबर से चल रहा है। प्रदर्शनकारी 14 सितंबर से नौकरी बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि करीब 11 महीने तक विभाग के लिए काम करने के बाद उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के सेवा से हटा दिया गया।
मुख्य बातें
- 14 सितंबर से ईको गार्डन में नौकरी बहाली की मांग को लेकर धरना जारी।
- PLFS और ASSUS में करीब 11 महीने तक सुपरवाइजर और सर्वेयर के रूप में काम किया।
- प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में न्यायोचित निर्णय की मांग की।
विभिन्न जिलों में किए महत्वपूर्ण सर्वे
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 11 महीने तक विभाग के लिए महत्वपूर्ण सर्वे कार्य किए। धरना दे रहे लोगों के मुताबिक, उनके द्वारा किए गए सर्वेक्षणों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और GDP जैसे अहम आर्थिक आंकड़ों से जुड़ी जानकारियां जुटाई जाती थीं।
बिना नोटिस सेवा समाप्त करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विभाग के लिए जिम्मेदारी से काम करने के बावजूद उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सेवा से हटा दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने निर्धारित जिम्मेदारियां पूरी कीं और सर्वे कार्यों में योगदान दिया, लेकिन अब रोजगार समाप्त होने के बाद उन्हें आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक ही मांग- नौकरी बहाल हो
धरना दे रहे सुपरवाइजर और सर्वेयरों का कहना है कि उनकी मांग कोई बड़ी नहीं है। वे सिर्फ अपनी नौकरी वापस किए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने विभाग के लिए मेहनत की, विभिन्न जिलों में सर्वे किए और अपनी जिम्मेदारी निभाई, इसलिए सरकार को उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से न्याय की अपील
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से PLFS और ASSUS में काम कर चुके सुपरवाइजर एवं सर्वेयरों की समस्या पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार उनकी सेवा बहाली को लेकर न्यायोचित फैसला करे।