जौनपुर में श्रीराम कथा में पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, बोले- गांव हमारी जड़, इसे कभी न भूलें

जौनपुर। गोंडा के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह 24 अक्टूबर को जौनपुर के बीआरपी मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल हुए। कथा के चौथे दिन शाम करीब 4:30 बजे पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह का व्यासपीठ पर विराजमान शांतनु जी महाराज ने अंगवस्त्र और प्रभु श्रीराम की मूर्ति भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद ने गांव से जुड़े रहने का संदेश दिया और कहा कि इंसान को अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

मुख्य बातें

  • जौनपुर के बीआरपी मैदान में आयोजित है नौ दिवसीय श्रीराम कथा।
  • कथा के चौथे दिन पहुंचे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह।
  • पूर्व सांसद बोले- अपनी जड़ों से दूर होने पर इंसान अपनी पहचान खो देता है।

समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने कराया कथा का आयोजन

बीआरपी मैदान में श्रीराम कथा का आयोजन सेवा भारती संस्थान, काशी प्रांत के तत्वावधान में समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह की ओर से कराया जा रहा है। कथा के चौथे दिन पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कथा में प्रभु श्रीराम जनकपुर पहुंच चुके हैं और स्वयंवर की तैयारियां चल रही हैं।

पूर्व सांसद ने कथा के बीच में पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं से क्षमा भी मांगी। उन्होंने बताया कि समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि वह पहले भी जौनपुर आ चुके हैं और यहां कई बार रामकथा का आयोजन होता रहा है।

‘गांव हमारी जड़ है, इससे जुड़े रहना चाहिए’

अपने संबोधन में बृजभूषण शरण सिंह ने गांव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव हमारी जड़ है और हर व्यक्ति को इससे जुड़े रहना चाहिए। अपनी बात समझाते हुए उन्होंने पेड़ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब पेड़ अपनी जड़ से हट जाता है, तो वह सूख जाता है। इसी तरह जब इंसान अपनी जड़ों से दूर होता है, तो धीरे-धीरे अपनी पहचान खोने लगता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कहीं भी रहें, मेहनत करें, कमाएं और आगे बढ़ें, लेकिन अपने गांव को कभी न भूलें।

राजनीतिक सवालों पर टिप्पणी करने से किया इनकार

श्रीराम कथा में शामिल होने पहुंचे पूर्व सांसद से जब राजनीतिक मुद्दों पर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आयोजन और गांव से जुड़े रहने के महत्व पर अपनी बात रखी।

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