प्रतापगढ़: ‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और’, बेंती कोठी में शस्त्र पूजन के बाद राजा भैया का तंज

प्रतापगढ़। विजयादशमी के अवसर पर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अपनी बेंती कोठी में पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। इस दौरान 500 से अधिक हथियारों को पूजा के लिए सजाकर रखा गया। केसरिया साफा और पारंपरिक वेशभूषा में राजा भैया ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उनके जुड़वां बेटे कुंवर शिवराज प्रताप सिंह और कुंवर बृजराज प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

मुख्य बातें
  • मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूजा के लिए 500 से अधिक हथियार सजाए गए |
  • शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया का ‘हाथी के दांत’ वाला बयान चर्चा में रहा।
  • विजयादशमी पर बेंती कोठी में राजा भैया ने किया पारंपरिक शस्त्र पूजन।

बेंती कोठी में सजे 500 से अधिक हथियार

विजयादशमी के मौके पर प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित बेंती कोठी में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी मेजों पर सैकड़ों हथियार सजाकर रखे गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इनमें 500 से अधिक असलहे शामिल थे। समर्थक और क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि भी अपने हथियारों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। इनमें बंदूकें और अन्य असलहे शामिल थे। शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया का एक बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा, ‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और होते हैं।’

11 आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कराया पूजन

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शस्त्र पूजन का अनुष्ठान 11 आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। राजा भैया ने पारंपरिक वेशभूषा में शस्त्रों की पूजा की। अनुष्ठान के बाद आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण किया गया। उनके परिवार के सदस्य भी इस आयोजन में शामिल हुए।

‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और’

शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया का एक बयान भी सुर्खियों में रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और होते हैं।’ यह टिप्पणी हथियारों की संख्या के संदर्भ में सामने आई। हालांकि, इस बयान का कोई अलग राजनीतिक अर्थ निकालने से पहले इसका पूरा संदर्भ समझना जरूरी है।

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