लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 सितंबर को SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव जीतने पर इसका श्रेय अपने पुरुषार्थ को देते हैं, जबकि हार की स्थिति में चुनाव आयोग और EVM पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने विपक्ष से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय आत्मावलोकन करने की बात कही।
मुख्य बातें
- CM योगी ने SIR को लेकर विपक्ष के सवालों पर साधा निशाना
- 1952 से 2003 तक हुई SIR की कवायद का किया जिक्र
- चुनाव आयोग और EVM को लेकर विपक्ष की आलोचना पर उठाए सवाल
SIR पहली बार नहीं, पुराने उदाहरण गिनाए
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी ऐसी कवायद होने का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इनमें से कई मौकों पर केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें थीं। योगी ने आरोप लगाया कि इस बार कांग्रेस, सपा और राजद समेत विपक्षी दल SIR को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
EVM और चुनाव आयोग पर भी विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को चुनाव में हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने EVM को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं मशीनों के जरिए कांग्रेस की केंद्र और विभिन्न राज्यों में सरकारें बनी हैं। योगी ने विपक्ष की ओर से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने न्यायपालिका, CAG और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की पूर्व की आपत्तियों का भी जिक्र किया।
इमरजेंसी, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 की इमरजेंसी का उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपने आरोप दोहराए। उन्होंने राफेल विवाद, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इन मामलों में भी सरकार और संस्थाओं पर सवाल उठाए तथा सेना के पराक्रम पर सवाल खड़े किए।
हिंसा और दुष्प्रचार पर भी जताई आपत्ति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से अपने विरोध के तरीकों पर पुनर्विचार करने और संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर आत्मावलोकन करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की ओर से SIR और फॉर्म-6 से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपने रुख को लेकर देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की मांग की।