जौनपुर में जीन विज्ञान पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, यूरोप के वैज्ञानिकों ने साझा किए आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान के अनुभव

जौनपुर। जिले के सिकरारा क्षेत्र स्थित डॉ. लालजी सिंह रिसर्च सेंटर, कलवारी में शनिवार को ‘जीन विज्ञान एवं आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूरोप के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने आनुवंशिकी (जेनेटिक्स), हृदय रोगों और विभिन्न बीमारियों में जीन की भूमिका पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।

हृदय रोगों के आनुवंशिक कारणों पर विशेष व्याख्यान

मुख्य वक्ता करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (स्वीडन) की वैज्ञानिक एवं टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) की विजिटिंग रिसर्चर डॉ. कात्यायनी एस. पाठक ने “कोरोनरी आर्टरी डिजीज में पुरुष बनाम महिला के लिए सिंगल-सेल RNA आधारित जेनेटिक विश्लेषण” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि सिंगल-सेल RNA तकनीक के माध्यम से हृदय रोगों के आनुवंशिक कारणों को अधिक गहराई से समझा जा सकता है, जिससे भविष्य में बीमारी की शीघ्र पहचान और व्यक्तिगत उपचार (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन) को नई दिशा मिलेगी।

जीन आधारित शोध को बताया भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की नींव

विशिष्ट वक्ता कैथोलिक यूनिवर्सिटी (बेल्जियम) एवं टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय पाठक ने विभिन्न बीमारियों पर जीन के प्रभाव, आधुनिक जीनोमिक्स अनुसंधान और चिकित्सा विज्ञान में आनुवंशिक तकनीकों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीन आधारित शोध भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला बन रहे हैं और इनके जरिए कई जटिल व आनुवंशिक बीमारियों के उपचार की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।

बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षाविद और शोधार्थी

कार्यक्रम का आयोजन 18 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे डॉ. लालजी सिंह रिसर्च सेंटर, कलवारी-शेरवा में किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय सेंटर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आशीष सिंह के निर्देशन में हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, अरुण कुमार, डॉ. धर्मेंद्र यादव, राजेश यादव, रमेश सिंह, प्रकाश सिंह, प्रशांत सिंह, अजय विश्वकर्मा, रमेश प्रकाश सहित अनेक शिक्षाविद, शोधार्थी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में दोनों वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर जीन विज्ञान एवं आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

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