मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार के कार्यकाल की तुलना 2017 से पहले की स्थिति से की है। उन्होंने कहा कि आज देर रात तक खुले रहने वाले बाजार और नाइट शिफ्ट में काम करती महिलाएं प्रदेश में बढ़े सुरक्षा के माहौल और व्यापारियों के विश्वास को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की हैं।
मुख्य बातें
- सीएम योगी ने रात में खुले बाजारों को व्यापारी के विश्वास का प्रतीक बताया
- 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण कारोबार प्रभावित होने का दावा किया
- महिला श्रम बल भागीदारी 13% से बढ़कर 36% होने की बात कही
रात में जगमगाते बाजारों को बताया भरोसे का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान देर रात तक खुले रहते हैं। उनके मुताबिक, इन बाजारों की रोशनी केवल कारोबार की गतिविधियों को नहीं दिखाती, बल्कि व्यापारियों के बढ़े विश्वास का भी संकेत है।
उन्होंने नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर उनका निर्भय होकर जिम्मेदारी निभाना समाज की प्रगति को दर्शाता है।
2017 से पहले की स्थिति का किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के माहौल के कारण सूर्यास्त के बाद व्यापारिक गतिविधियां सीमित होने लगती थीं। देर रात तक काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवार भी चिंतित रहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए काम किया। उन्होंने सरकार की नीति को अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ बताया।
महिला श्रम बल भागीदारी 36 प्रतिशत पहुंचने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की महिला श्रम बल भागीदारी (Female Labour Force Participation) करीब 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने इसे महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक मजबूती और स्वावलंबन से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ‘सुरक्षा से समृद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।